सोने की कीमतों में भारी उछाल: 24 कैरेट गोल्ड 1.64 लाख के पार

सोने की कीमतों में भारी उछाल: 24 कैरेट गोल्ड 1.64 लाख के पार
20 अप्रैल 2026 1 टिप्पणि Kaushal Badgujar

फरवरी महीने के आखिरी दिन भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। 28 फरवरी, 2026 को भारतीय सोने बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई, जहां 24 कैरेट सोने की कीमत 16,473 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच गई। सिर्फ एक दिन के भीतर ही कीमतों में 316 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसका मतलब है कि अब 10 ग्राम सोने के लिए ग्राहकों को 1,64,730 रुपये चुकाने होंगे। यह उछाल उन लोगों के लिए एक बड़ा झटका है जो शादी-ब्याह के सीजन के लिए खरीदारी की योजना बना रहे थे, जबकि निवेशकों के लिए यह मुनाफा कमाने का सुनहरा मौका बन गया है।

हैरानी की बात यह है कि यह तेजी सिर्फ एक श्रेणी तक सीमित नहीं रही। 22 कैरेट सोने की कीमत भी 290 रुपये बढ़कर 15,100 रुपये प्रति ग्राम (10 ग्राम के लिए 1,51,000 रुपये) हो गई। वहीं, 18 कैरेट गोल्ड, जिसे अक्सर ज्वेलरी में इस्तेमाल किया जाता है, वह भी 237 रुपये की बढ़त के साथ 12,355 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया।

शहरों के हिसाब से सोने के अलग-अलग भाव

अगर आप भारत के अलग-अलग शहरों की बात करें, तो कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिला। चेन्नई में सबसे ज्यादा कीमतें दर्ज की गईं, जहां 24 कैरेट सोना 16,582 रुपये प्रति ग्राम पर बिक रहा था। वहीं मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में कीमतें एक समान रहीं, जहां 24 कैरेट का भाव 16,473 रुपये प्रति ग्राम रहा। देश की राजधानी दिल्ली में यह भाव 16,488 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया।

कीमतों का यह उतार-चढ़ाव सिर्फ फरवरी के अंत में नहीं, बल्कि पूरे महीने महसूस किया गया। याद दिला दें कि 23 फरवरी को 24 कैरेट सोना 15,927 रुपये प्रति ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। यानी महज कुछ दिनों में ही सोने ने एक बड़ी छलांग लगाई है। (सोचिए, अगर किसी ने महीने की शुरुआत में निवेश किया होता, तो आज वह कितना खुश होता!)

कीमतों में इस जबरदस्त तेजी की असली वजह क्या है?

अब सवाल यह उठता है कि अचानक इतना उछाल क्यों आया? बाजार विश्लेषकों का कहना है कि इसके पीछे मुख्य कारण वैश्विक बाजार की हलचल और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी है। जब अमेरिकी डॉलर कमजोर होता है, तो सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों (Safe-haven investments) की मांग बढ़ जाती है। 4 फरवरी, 2026 के बाद से डॉलर अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था, जिसने सोने की कीमतों को पंख लगा दिए।

इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की मजबूती दिखी। 9 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में 81.69 अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.64%) की वृद्धि हुई, जिससे यह 5,061.49 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। जब दुनिया भर में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक शेयर बाजार के बजाय सोने की ओर रुख करते हैं, और यही इस बार भी हुआ।

चांदी की चमक भी रही बरकरार

सोने के साथ-साथ चांदी ने भी निवेशकों को चौंकाया। 9 फरवरी को दिल्ली के बाजारों में चांदी की कीमतों में 6% से ज्यादा का उछाल आया और यह 2.72 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। MCX (Multi Commodity Exchange) के अप्रैल डिलीवरी सिल्वर फ्यूचर्स में भी 1.34% की वृद्धि देखी गई।

तकनीकी विश्लेषण और बाजार की दिशा

मार्केट के जानकारों ने कुछ खास 'सपोर्ट' और 'रेसिस्टेंस' लेवल बताए हैं। तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, सोने ने 1,54,000 रुपये और 1,51,80,000 रुपये के स्तर पर मजबूत सपोर्ट दिखाया है। हालांकि, 1,57,700 रुपये और 1,60,000 रुपये के स्तर पर रेसिस्टेंस (रुकावट) देखी गई, लेकिन फरवरी के अंत तक सोने ने इन बाधाओं को पार करते हुए नई ऊंचाई छुई।

यहाँ एक दिलचस्प बात यह है कि 16 फरवरी को अमेरिकी और चीनी बाजारों में छुट्टियों के कारण ट्रेडिंग वॉल्यूम काफी कम रहा था, फिर भी कीमतों में गिरावट नहीं आई। मुंबई में उस समय 22 कैरेट सोने की कीमत 8 ग्राम के लिए 1,15,672 रुपये थी, जो यह दर्शाता है कि मांग में कोई कमी नहीं थी।

आगे क्या होगा? निवेशकों के लिए संकेत

कुल मिलाकर, 9 फरवरी से 28 फरवरी तक का सफर सोने के लिए काफी शानदार रहा। मैक्रोइकॉनोमिक कारकों, जैसे मुद्रा के उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की होड़ ने कीमतों को ऊपर धकेला है। आने वाले समय में यदि वैश्विक तनाव बढ़ता है या डॉलर और कमजोर होता है, तो सोने की कीमतें और भी ऊपर जा सकती हैं। लेकिन, अगर केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बदलाव करते हैं, तो बाजार में थोड़ी सुस्ती भी आ सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

28 फरवरी 2026 को 24 कैरेट सोने की कीमत क्या थी?

28 फरवरी 2026 को 24 कैरेट सोने की कीमत 16,473 रुपये प्रति ग्राम थी, यानी 10 ग्राम सोने की कीमत 1,64,730 रुपये दर्ज की गई। यह पिछली ट्रेडिंग सत्र की तुलना में 3,160 रुपये की वृद्धि थी।

सोने की कीमतों में इतनी वृद्धि का मुख्य कारण क्या था?

इस उछाल के तीन मुख्य कारण थे: वैश्विक बाजार का सकारात्मक मोमेंटम, अमेरिकी डॉलर की कीमतों में गिरावट (जो 4 फरवरी के बाद सबसे निचले स्तर पर था), और सुरक्षित निवेश (Safe-haven assets) के रूप में सोने की बढ़ती मांग।

भारत के किस शहर में सोने की दरें सबसे अधिक थीं?

दिए गए आंकड़ों के अनुसार, चेन्नई में सोने की कीमतें सबसे अधिक थीं, जहाँ 24 कैरेट सोने का भाव 16,582 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच गया था, जो अन्य प्रमुख शहरों जैसे मुंबई और दिल्ली से अधिक था।

चांदी की कीमतों में कितना बदलाव आया?

चांदी में भी भारी तेजी देखी गई। 9 फरवरी को दिल्ली में चांदी की कीमतें 6% से अधिक बढ़कर 2.72 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गईं, जबकि MCX सिल्वर फ्यूचर्स में करीब 5% की ग्रोथ देखी गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का क्या प्रभाव रहा?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में 9 फरवरी को सोने की कीमतों में 1.64% (81.69 डॉलर) की वृद्धि हुई, जिससे अंतरराष्ट्रीय भाव 5,061.49 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जिसने भारतीय बाजार की कीमतों को भी ऊपर धकेला।

1 टिप्पणि

  • Image placeholder

    Senthilkumar Vedagiri

    अप्रैल 20, 2026 AT 20:52

    सब मिला भुगताना पड़ेगा भाई, ये सब ऊपर से प्लान्ड है। डॉलर गिराया ताकि हम सब सोना खरीदकर फंस जाएं और असली खिलाड़ी पीछे से पैसा कमाएं। ये सब कोई इत्तेफ़ाक नहीं है, पूरी साज़िश है मार्केट को कंट्रोल करने की।

एक टिप्पणी लिखें