जंगपुरा विधानसभा चुनाव 2025: बीजेपी के तरविंदर सिंह मारवाह ने मनीष सिसोदिया को चौंकाने वाली हार दी
तरविंदर सिंह मारवाह की जीत ने चौंकाया
जंगपुरा विधानसभा सीट का चुनावी परिणाम 2025 में लगभग एक चौंकाने वाला था, जब बीजेपी के तरविंदर सिंह मारवाह ने आम आदमी पार्टी के मनीष सिसोदिया को 636 वोटों के मामूली अंतर से मात दी। मारवाह, जिन्होंने पहले तीन बार इस क्षेत्र से जीत दर्ज की थी, 2022 में बीजेपी में शामिल होकर एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरे।
तरविंदर सिंह मारवाह को 30,665 वोट मिले, वहीं मनीष सिसोदिया ने 30,029 वोट पाकर दुसरे स्थान पर रहे। इसके इतर कांग्रेस के फरहाद सूरी केवल 6,551 वोट ही प्राप्त कर सके, जो इस क्षेत्र में कांग्रेस की कमजोर स्थिति को दर्शाता है।
हैरतअंगेज उतार-चढ़ाव
मारवाह की जीत आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका साबित हुई है। सिसोदिया, जो पहले दिल्ली के डिप्टी सीएम रह चुके हैं, ने अपना फोकस आप की सरकार और विकास कार्यों पर बनाए रखा था। लेकिन अलग-अलग कानूनी विवादों और पार्टी के आंतरिक मामलों ने उनकी राह रोकी।
मारवाह की वापसी ने बीजेपी के रणनीति के एक नये पहलू को उजागर किया, जहाँ उन्होंने अनुभवी उम्मीदवारों पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व शक्ति और भाजपा के संगठनात्मक जोश का श्रेय अपनी जीत को दिया।
इस चुनाव के दौरान मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के चौकस इंतज़ाम किए गए थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और केन्द्रीय सुरक्षा बलों ने यहां सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित किया।
इस परिणाम ने न सिर्फ जंगपुरा में, बल्कि दिल्ली की राजनीति में भी नए संकेत छोड़े हैं, जहां बीजेपी ने एक बार फिर से अपनी पकड़ मजबूत कर ली है जबकि आम आदमी पार्टी को अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता होगी।
Priyanshu Patel
फ़रवरी 9, 2025 AT 16:32मनीष सिसोदिया का नाम अभी भी बड़ा है, लेकिन लोग अब बातों के बजाय काम देख रहे हैं।
Gaurav Singh
फ़रवरी 10, 2025 AT 15:32अगर कोई आदमी बस में टिकट नहीं खरीदता तो बीजेपी की जीत हो जाती है
ये चुनाव नहीं बल्कि एक टेस्ट केस है जहां वोटर ने बस एक निशान लगा दिया
ashish bhilawekar
फ़रवरी 12, 2025 AT 09:18ये तो बस नहीं बल्कि बिजली की चमक थी जिसने सिसोदिया के सारे नारे बुझा दिए!!!
जब तक बीजेपी के घर में आग लगी नहीं तब तक लोग नहीं जागते थे!!!
Vishnu Nair
फ़रवरी 14, 2025 AT 03:34इसके पीछे एक डिजिटल इन्फोर्मेशन वॉरफेयर का फैक्टर भी है जिसमें सोशल मीडिया एक्टिवेशन ने एक अनप्रीडिक्टेबल एफेक्ट डाला है
Namrata Kaur
फ़रवरी 14, 2025 AT 10:36Kamal Singh
फ़रवरी 16, 2025 AT 03:41जिन लोगों ने घर-घर जाकर बात की, जिन्होंने बाजार में बातचीत की, जिन्होंने बच्चों के स्कूल में बैठकर सुना - उन्हीं की मेहनत का नतीजा है ये।
आम आदमी पार्टी ने तो बस टीवी पर नारे चिल्लाए, लेकिन यहां लोगों ने बात की, दिल लगाया।
ये जीत नेतृत्व की नहीं, जुड़ाव की है।
Jasmeet Johal
फ़रवरी 17, 2025 AT 13:34Abdul Kareem
फ़रवरी 18, 2025 AT 22:06ये बस एक चुनाव नहीं, एक संकेत है कि लोग अब नेता के नाम से नहीं, उनके रिकॉर्ड और उनकी लगन से फैसला कर रहे हैं।